भारत की नदियां
#सिंधु नदी तंत्र
#सिंधु की सहायक नदियां
•••••••••••••••••••••••••••
∆ झेलम नदी
वैदिक नाम: वितस्ता
पंजाबी में : बीहट
कश्मीरी में :व्यथ
उद्गम: शेषनाग जी झील
■उत्तर पश्चिम दिशा में बहती हुई श्रीनगर से बारामुला की ओर बहती हुई वुलर झील (भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील )में प्रवेश करके एक महाखड्ड से गुजर कर पाकिस्तान की ओर बहती है।
◆ सहायक नदी : चिनाब नदी जो (त्रिमु के स्थान पर) झेलम में मिल जाती है ।
* इस नदी में अनंतनाग से बारामुला तक नौकायन भी किया जाता है ।
■ मंगला बांध 1967 इस नदी पर बना था ।
■किशनगंगा हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट व उड़ी बांध इसकी बिजली परियोजनाएं हैं ।
****************************************
∆ चिनाब नदी
संस्कृत में : पुरुष्णी व इरावती
√ उद्गम: बारालाचा दर्रा हिमाचल प्रदेश
√चिनाब नदी हिमाचल दो शाखाएं हैं 1. चंद्र तथा 2.भागा ■ चंद्र नदी ग्लेशियर से निकलती है [बारालाचा दर्रा ]
■भागा नदी खड़े ढलान के चश्मे से निकलती है (सूर्य ताल )बारालाचा दर्रा
■ चंद्र तथा भागा तंडी के स्थान पर लाहौल स्पीति जिला में एक दूसरे से मिलती है व चिनाब नदी का रूप धारण कर लेती है ।
■यह नदी पीर पंजाल [लघु हिमालय] तथा दीर्घ हिमालय के बीच बहती हुई किश्तवाड़ के पास एक तीव्र मोड़ बनाती हुई पाकिस्तान की तरफ बहती है ।
■ नदी घाटी परियोजनाएं :
**सलाल 690 मेगा वाट रसाई के नजदीक
**दुल्हस्ती 390 मेगा वाट किश्तवार
** बगलिहार परियोजना जो 2015 -16 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्र को अर्पित की गई थी ।
No comments:
Post a Comment