#सरदार सरोवर बांध:
: सरदार सरोवर बांध गुजरात के नवगाम के पास नर्मदा नदी पर बना एक गुरुत्व बांध है। यह बांध चार राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में पानी तथा बिजली की आपूर्ति करते है।
यह सरदार वल्लभ भाई पटेल की महत्त्वाकांक्षी परियोजना थी जिसकी संकल्पना को वर्ष 1960 के आसपास जवाहरलाल नेहरू द्वारा मूर्त रूप देने का प्रयास किया, लेकिन इस परियोजना हेतु कोई ठोस कदम नही उठाया जा सका।
वर्ष 1980 के आसपास विश्व बैंक की सहायता से इस परियोजना पर ज़मीनी कार्यवाही प्रारंभ की गई।
नर्मदा नदी दक्षिण-पश्चिम मालवा पठार के बाद एक लंबे गार्ज का निर्माण करती है। इस गार्ज का विस्तार गुजरात तक है जहाँ सरदार सरोवर बांध का निर्माण किया गया है।
बांध के लिये भूमि अधिग्रहण के बाद लोगों के विस्थापन की चिंता को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की भी शुरुआत हुईl
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सरदार सरोवर बांध का महत्त्व:
बांध से निकली गई नर्मदा नहर के माध्यम से गुजरात के सूखा प्रभावित क्षेत्रों को सिंचाई और पेयजल हेतु पानी की की आपूर्ति की जाती है।
राजस्थान के बाड़मेर और जालौर के शुष्क क्षेत्रों में भी सिंचाई और पेयजल के लिये नर्मदा नहर से पानी की आपूर्ति की जाती है।
इस बांध के निर्माण से भरूच आदि ज़िलों में बाढ़ की स्थिति में भी सुधार हुआ है।
गुजरात सरकार ने नहर के ऊपर सौर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पन्न करने की योजना की घोषणा की है।
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वर्तमान परिदृश्य:
सरदार सरोवर परियोजना में रिवर बेड पावर हाउस ( 1,200 MW ) और कैनाल हेड पावर हाउस ( 250 MW ) नामक दो पावर हाउस शामिल हैं। इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात को क्रमशः 57:27:16 के अनुपात में बिजली साझा की जाती है।
रिवर बेड पावर हाउस वर्ष 2017 से ही पानी की कमी के कारण बंद है, इस जलाशय की ऊँचाई 138.63 मीटर है।
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