भारत का भौतिक विस्तार भाग 5
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पश्चिमी घाट
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√√√पश्चिमी घाट(Western Ghats)√√√
# पश्चिमी घाट या सह्याद्री पर्वत तापी नदी के मुहाने से लेकर कन्याकुमारी तक भारत के पश्चिमी तट के समानांतर उत्तर से दक्षिण दिशा में फैला हुआ है l पश्चिम में ढलान तीव्र तथा पूर्वी ढलान मंद है l
√√इसकी लंबाई लगभग 1600 किलोमीटर है |
∆∆पश्चिमी घाट से निकलकर पश्चिम दिशा में बहकर अरब सागर में गिरने वाली नदियां बहुत तेज गति की है | ✓✓शरावती नदी पर स्थित गरसोप्पा जलप्रपात भारत का सबसे ऊंचा जलप्रपात है |इसकी ऊंचाई लगभग 250 मीटर है |
### पश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियां
एक गोदावरी
दो कृष्णा
तीन कावेरी
यह सब दिया दक्षिण पूर्व की दिशा में बहती है और बंगाल की खाड़ी में अपना जल किराती गिराती है |***पश्चिमी घाट दक्षिण में पूर्वी घाट से मिलकर एक पर्वत श्रृंखला बनाते हैं जिसको नीलगिरी के नाम से जाना जाता है l नीलगिरी का सबसे ऊंचा शिखर डोडाबेटा है| ✓✓नीलगिरी के दक्षिण में बालाघाट पलक्कड़ दर्रा स्थित है
$$$पश्चिमी घाट के कुछ महत्वपूर्ण दर्रे पर्वत इत्यादि निम्न है |
1.भोर घाट
यह मुंबई को पुणे से जोड़ता है
2.थाल घाट
सहयाद्री श्रेणी में स्थित थालघाट दर्रा नासिक को मुंबई से जोड़ता है l
3. पालघाट
यह तमिलनाडु के कोयंबटूर नगर को केरल राज्य के कोच्चि एवं कोझीकोड नगरों को जोड़ता है l
✓✓ पश्चिमी घाट के उत्तरी हिस्से को जय महाराष्ट्र ,गोवा मैं अपना तट बनाता है उसे कोंकण तट कहते हैं |
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